पॉवर विदिनः द लीडरशिप लीगेसी ऑफ नरेंद्र मोदी डॉ. आर. बालासुब्रमण्यम की इस नई पुस्तक में भारतीय सिद्धांतों से प्रेरित नेतृत्व के सफर का विश्लेषण किया गया है

नई दिल्ली, भारत, 29 जून, 2028: प्रतिष्ठित विकासवादी विद्वान एवं लेखक, डॉ. रामास्वामी बालासुब्रमण्यम (डॉ. बालू) कर्नाटक, भारत के ग्रामीण व आदिवासी समुदायों में अपने अग्रणी विकास कार्यों के लिए मशहूर हैं। उन्होंने अपनी नई पुस्तक, पॉवर विदिनः द लीडरशिप लीगेसी ऑफ नरेंद्र मोदी का आज विमोचन किया। यह पुस्तक एक प्रभावशाली कहानी प्रस्तुत करती है, जिसमें पश्चिम के गुण आधारित दृष्टिकोण और भारत के अभ्यास आधारित दर्शन की तुलना के साथ नेतृत्व का का अद्वितीय दृष्टिकोण पेश किया गया है।

इस पुस्तक का विमोचन अजय पिरामल, चेयरमैन, पिरामल ग्रुप; नीति आयोग के पूर्व सीईओ, अमिताभ कांत; नैस्कॉम के प्रेसिडेंट, देबजनी घोष और आईआईएम बैंगलुरू के प्रोफेसर बी महादेवन द्वारा प्रधानमंत्री संग्रहालय में आयोजित एक कार्यक्रम में किया गया, जिसमें विचारकों, जनसेवकों, उद्योग के नेतृत्वकर्ताओं, नीति निर्माताओं, और पाठकों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के अनुभवों की नजर से भारतीय सभ्यता के ज्ञान का विश्लेषण करने के लिए हिस्सा लिया। इसके बाद लेखक के साथ एक पैनल वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें गणमान्य नागरिकों, अमिताभ कांत, देबजनी घोष, और प्रोफेसर बी महादेवन ने एक विचारोत्तेजक चर्चा में हिस्सा लिया।

पॉवर विदिन में प्रधानमंत्री जी के पचास साल के सार्वजनिक जीवन का विवरण पेश किया गया है, और उनके शुरुआती सालों, जब उनके हृदय में उद्देश्य और नेतृत्व का अंकुर फूटा, का विश्लेषण किया गया। उनके सहकर्मियों, जैसे वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन द्वारा उनके जीवन के भावुक किस्सों के साथ इस पुस्तक में उनके निरंतर प्रयास, कड़ी मेहनत, और संवादपूर्ण दृष्टिकोण को उजागर किया गया है, जिनकी मदद से वो देश के सर्वोच्च कार्यालय तक पहुँचे। इस पुस्तक में लोगों की सेवा में लीन रहते हुए स्वयं की खोज करने की उनकी निरंतर तत्परता पर भी बल दिया गया है, जिससे लोकसेवा के इच्छुक लोगों को एक रोडमैप मिलता है।

इस सतर्क कहानी के माध्यम से डॉ. बालासुब्रमण्यम ने प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व का सफर पेश करते हुए पश्चिमी और भारतीय दृष्टि से इसकी अभिव्यक्ति की है। इसमें दृष्टिकोणों का अद्वितीय संगम है, जो पाठकों को नेतृत्व के समीकरण की विस्तृत समझ प्रदान करता है। इसलिए यह पुस्तक लोकसेवा एवं नेतृत्व विकास में रुचि रखने वाले हर व्यक्ति के पढ़ने योग्य है।
महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन, आनंद महिंद्रा ने इस पुस्तक की सराहना करते हुए कहा, ‘‘यह एक विचारोत्तेजक पुस्तक है, जो शक्तिशाली नेतृत्व की धारणाओं और दृष्टिकोणों में परिवर्तन ला देगी।’’

फाल्गुनी नायर, फाउंडर एवं सीईओ, नाईका ने कहा, ‘‘आर बालासुब्रमण्यम की पॉवर विदिनः द लीडरशिप लीगेसी ऑफ नरेंद्र मोदी नेतृत्व के समीकरण का प्रभावशाली विश्लेषण है, जिसने भारत को नई ऊँचाईयों पर पहुँचा दिया है।’’
‘‘नेतृत्व का अभ्यास अपने जीवन को दूसरों के लिए समर्पित कर अपने जीवन को अर्थ देने का मार्ग है। और नेतृत्व की अभिव्यक्ति का अवसर प्रतिदिन हमारे सामने आता है। जब वह सामने आता है, तब उद्देश्य की पहचान करने की संवेदनशीलता और प्रेम के साथ उस दिशा में काम करने के साहस की आवश्यकता होती है।’’ – डॉ. बालू की यह नई पुस्तक ऐसे ही ज्ञान से भरी है और इसमें नेतृत्व का सार अपने मौलिक अर्थ में है। यह अमेज़न इंडिया पर प्रि-ऑर्डर के लिए उपलब्ध है।

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