फिक्की द्वारा आयोजित ‘न्यू एज रिस्क’ सम्मेलन के दौरान जारी की जाएगी ‘इंडिया रिस्क सर्वे 2022 रिपोर्ट’

इंडिया रिस्क सर्वे 2022 रिपोर्ट उद्योगपतियों, नीति निर्माताओं, विशेषज्ञों और हितधारकों को चर्चाओं में शामिल करने, कारोबारी माहौल बनाने की दिशा में लाएगा एक साथ

भारतीय जोखिम सर्वेक्षण की रिपोर्ट भारतीय फर्मों द्वारा सामना किए जाने वाले जोखिमों, पूर्वानुमान लगाने तथा व्यापार पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित करने वाला

नई दिल्ली| 18 अप्रैल, 2023- फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) 19 अप्रैल 2023 को नई दिल्ली, फिक्की में ‘न्यू एज रिस्क’ पर एक सेमिनार आयोजित कर रहा है। सेमिनार का उद्देश्य पारंपरिक मापदंडों और उभरते जोखिमों की प्रवृत्ति पर चर्चा करना है, जो उद्योग और कामकाजी माहौल को प्रभावित कर सकते हैं। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण फिक्की और पिंकर्टन द्वारा संयुक्त रूप से जारी ‘इंडिया रिस्क सर्वे 2022 रिपोर्ट’ का लॉन्च होगा। रिपोर्ट उभरते जोखिमों, सुनियोजित और रणनीतिक नीतिगत निर्णयों को सक्षम बनाने में सहायक होगी।

इंडिया रिस्क सर्वे 2022 रिपोर्ट भारत के गतिशील व्यापार में जोखिमों को बेहतर ढंग से समझने, उनको कम करने तथा व्यवसायों के लिए मूल्यवान अंतर्दृष्टि और कार्रवाई योग्य सिफारिशें प्रदान करेगी। यह आयोजन उद्योगपतियों, नीति निर्माताओं, विशेषज्ञों और हितधारकों को चर्चाओं में शामिल होने, अधिकतम मूल्य और जागरूक कारोबारी माहौल बनाने की दिशा में एक मार्ग तैयार करने के लिए एक साथ लाएगा।

भारतीय जोखिम सर्वेक्षण (आईआरएस) रिपोर्ट भारतीय फर्मों द्वारा सामना किए जाने वाले जोखिमों की व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त पूर्वानुमान लगाने वाला है। सर्वेक्षण व्यवसायों के लिए चिंता के 12 प्रमुख क्षेत्रों और 5 उभरते जोखिमों की पहचान करता है, जो भारत के व्यापार पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं। इसके परिणाम सर्वेक्षण से प्राप्त हुए हैं। इस पर निर्णय लेने के लिए भारत जोखिम सर्वेक्षण रिपोर्ट पर भरोसा करते हैं। भारतीय उद्यमियों के सामने आने वाली चुनौतियों के साक्ष्य के रूप में मीडिया और निर्णयकर्ता भी सर्वेक्षण के निष्कर्षों का संदर्भ देते हैं। यह रिपोर्ट प्राकृतिक खतरों, सूचना और साइबर असुरक्षा, बौद्धिक संपदा की चोरी, आग और अपराधों जैसे जोखिमों पर मूल्यवान जानकारी उपलब्ध कराती है।

भारत जोखिम सर्वेक्षण का लक्ष्य बदलते वैश्विक परिवेश के संभावित जोखिमों की पहचान करना है। जिससे उद्योगपतियों को भविष्य में तेजी से डिजिटलीकरण, दुर्घटनाओं और व्यापार जासूसी जैसी विघटनकारी घटनाओं के लिए आकलन करने और जोखिम बढ़ाने की अनुमति मिलती है। कई बार उद्योगों में जोखिमों और उनके प्रभावों को उनकी जोखिम क्षमता और वर्तमान जोखिम शमन योजनाओं के आधार पर भिन्न हो सकते हैं। सर्वेक्षण के परिणाम संगठनों को एक व्यापक 360 डिग्री जोखिम प्रबंधन रणनीति विकसित करने में मदद करेंगे, ताकि संभावित घटनाओं का अनुमान लगाया जा सके।

सेमिनार में कारोबार के लिए खतरे के रूप में सूचना और साइबर असुरक्षा और व्यवसायों के लिए उभरते जोखिम पर पैनल चर्चा होगी। जिसमें विशेषज्ञ व्यवसायों के सामने आने वाले जोखिमों पर अपनी राय साझा करेंगे। साथ ही विशेषज्ञ आईपी उल्लंघन, दुर्घटनाओं और अग्नि सुरक्षा से जुड़े जोखिमों के बारे में जानकारी देंगे।

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